वांछित शब्द लिख कर सर्च बटन क्लिक करें
अंत्यानुप्रास ढूंढें
आवट
शब्दभेद/रूपभेद
व्युत्पत्ति
शब्दार्थ एवं प्रयोग
सं.पु.
सं.आवर्त
1.नाश, संहार।
उदा.--
असमर गहै कलम किय
आवट
, बढ़तै घड़ा कंवारी बंद।--महारांणा सांगा रौ गीत
2.इच्छा, चाह।
उदा.--
प्राव्रट प्राव्रट री
आवट
मन मारै, थर नै पापां रा थर लेग्या लारै।--ऊ.का.
3.सेना.
4.युद्ध।
उदा.--
धमाधम
आवट
कुढ़ंगां रीठ, रुकां पड़ सायक सेलां रीठ।--गो.रू.
सं.स्त्री.[सं.आवर्त]
नोट:
पद्मश्री डॉ. सीताराम लालस संकलित वृहत राजस्थानी सबदकोश मे आपका स्वागत है। सागर-मंथन जैसे इस विशाल कार्य मे कंप्युटर द्वारा ऑटोमैशन के फलस्वरूप आई गलतियों को सुधारने के क्रम मे आपका अमूल्य सहयोग होगा कि यदि आपको कोई शब्द विशेष नहीं मिले अथवा उनके अर्थ गलत मिलें या अनैक अर्थ आपस मे जुड़े हुए मिलें तो कृपया admin@charans.org पर ईमेल द्वारा सूचित करें। हार्दिक आभार।
राजस्थानी भाषा, व्याकरण एवं इतिहास
Project
|
About Us
|
Contact Us
|
Feedback
|
Donate
|
संक्षेपाक्षर सूची