सं.पु.
सं.गजबंध
1.एक प्रकार का चित्रकाव्य जिसमें किसी कविता के अक्षरों को हाथी का एक चित्र बना कर उसके अंग-प्रत्यंग में भर देते हैं.
2.जिसके यहाँ हाथी बंधते हों, राजा, महाराजा।
- उदा.--1..पाखांणां चुणिया सह पड़सी, अधका दिन जातां अनमंध। बडा-बडा गजबंध बखांणै, बापाहरा तणां धजबंध।--दुरसौ आढ़ौ
- उदा.--2..अगनि सोर गाजसी, पवन वाजसी, गजबंध छत्रबंध गजराज गुड़सी, हिंदू असुरांइण लड़सी।--वचनिका