सं.पु.
1.एक पक्षी विशेष जिसका मांस अच्छा होता है और शिकारी बड़े चाव से खाते हैं। यह पक्षी शीतकाल के आरम्भ में उत्तरी ऐशिया से आता है और शीतकाल की समाप्ति पर वापिस लौट जाता है.
3.एक प्रकार का घोड़ा (शा.हो.)
4.बेसन या मोठ के आटे का बेल कर बनाया हुआ खाद्य जिसके टुकड़ों को उबाल कर या तल कर प्रायः शाक बनाया जाता है.
5.पैर की नली और तलुए के बीच की गांठ.
6.हाथ की कलाई के जोड़ पर एक ओर उभरी हुई गांठ.
7.व्यवस्थित रूप से लपेटा हुआ धागा
8.वह उपकरण जिस पर व्यवस्थित रूप से धागा लपेटा जाय। यह प्रायः लकड़ी का ही होता है
9.हुक्के के नैचे के नीचे की वह गांठ जहाँ दोनों से मिलती हैं और जो फरशी या हुक्के के मुंह पर रहती है.
10.वे घने बादल जो आच्छादित होने पर एक ही बार में सूर्य के प्रकाश को रोक देते हैं (क्षेत्रीय) वि.--किसी शब्द के अंत में लग कर तुल्य, बराबर, सदृश आदि अर्थ देने वाला एक विशेषण, ज्यूं--लुगाईगटौ मिनख।