HyperLink
वांछित शब्द लिख कर सर्च बटन क्लिक करें
 

चौकस  
शब्दभेद/रूपभेद
व्युत्पत्ति
शब्दार्थ एवं प्रयोग
सं.स्त्री.
ढूंढने की क्रिया, तलाश।
  • उदा.--1..कोटवाळ नट गयौ तद इण चौकस कर फेर कहायौ। कोटवाळ क्यूं'क वाद कर फेर नट गयौ।--पदमसिंह री बात
  • उदा.--2..सहिनांण सब मिळिया पण डूबी बात छै। चार ही ठावा मांणस मेल्ह सांची खबर मंगावौ, चौकस करि आवै।--पलक दरियाव री बात
1.सचेत, सतर्क, चौकन्ना, सावधान।
2.ठीक, सही, सत्य।
  • उदा.--पण मांणस च्यार ठावा जाय सांची खबर ले आवै। बात चौकस है। महाराज पधारसी।--पलक दरियाव री बात
3.पक्का, निश्चित।
  • उदा.--रांणौ बातां सुण कहण लागियौ जै आयसै चौकस कै नही।--कुंवरसी सांखला री वारता
4.स्पष्ट।
  • उदा.--बिजळी चमकी तद ढाल चौकस दीसी।--कुंवरसी सांखला री वारता
1.प्रत्यक्ष, सामने।
  • उदा.--ताहरां हरमाळा कह्यौ न मांनौ तौ थे जावौ चौकस देखो।--पलक दरियाव री बात
2.निश्चय ही, अवश्य।
  • उदा.--1..चौकस आस किसी चुड़ला री, कहोरी अबै सुहाग किसौ। देबी इसौ भरतार म दै री, जिण सिर वैरी 'मांन' जिसौ।--मांनजी लाळस
  • उदा.--2..जिण दिन लीली जळै जवासी, मांडै राड़ सांप री मासी। बादळ रहै रात रा बासी, यूं जांणै चौकस मेह आसी।--वर्षा, विज्ञान।
वि.--
क्रि.वि.--


नोट: पद्मश्री डॉ. सीताराम लालस संकलित वृहत राजस्थानी सबदकोश मे आपका स्वागत है। सागर-मंथन जैसे इस विशाल कार्य मे कंप्युटर द्वारा ऑटोमैशन के फलस्वरूप आई गलतियों को सुधारने के क्रम मे आपका अमूल्य सहयोग होगा कि यदि आपको कोई शब्द विशेष नहीं मिले अथवा उनके अर्थ गलत मिलें या अनैक अर्थ आपस मे जुड़े हुए मिलें तो कृपया admin@charans.org पर ईमेल द्वारा सूचित करें। हार्दिक आभार।






राजस्थानी भाषा, व्याकरण एवं इतिहास

Project | About Us | Contact Us | Feedback | Donate | संक्षेपाक्षर सूची