सं.स्त्री.
फा.ज़मीन
1.पृथ्वी, भूमि, धरती.
2.पृथ्वी की ऊपरी सतह।
- मुहावरा--1.जमीन आसमांन एक करणौ--किसी कार्य के लिये बहुत अधिक परिश्रम करना.
- मुहावरा--2.जमीन आसमांन रौ फरक होणौ--बहुत अधिक फर्क होना.
- मुहावरा--3.जमीन चाटणी--नीचा देखना, इस प्रकार गिर पड़ना कि जमीन के साथ मुँह लग जाय.
- मुहावरा--4.जमीन पड़ियौ आसमांन चाटणौ--जमीन पर रह कर आसमान की बातें करना, बढ़-बढ़ कर बातें मारना, बहुत महत्त्वपूर्ण एवं कठिन कार्य करना.
- मुहावरा--5.जमीन माथै पग ही नी धरणौ--बहुत अभिमान करना, बहुत इतराना.
- मुहावरा--6.जमीन माथै पग ही न पड़णौ--बहुत गर्व होना.
- मुहावरा--7.जमीन में गड (समा) जाणौ--बहुत लज्जित होना.
- मुहावरा--8.पगां नीचै सूं जमीन खिसकणी--होस हवास जाता रहना, सन्नाटे में आना।
3.कपड़े, कागज आदि की ऊपरी सतह।