सं.पु.
सं.यश
1.सुख्याति, कीर्ति, प्रशंसा, बड़ाई।
- उदा.--पड़िया जुध प्रथमी जस पावै। कनिया हतण अजोग्य कहावै।--सू.प्र.
2.डिंगल का एक गीत (छंद) विशेष (क.कु.बो.) सर्व.--जिस।
- उदा.--अमर वड तेतीस कोड जस नांम जपंदे।--केसोदास गाडण
- उदा.--सँपजे जस जस सूर रौ, मह कुण दे तस मांण। जंग जीव कै झोकिया, भूपत हूवौ न भांण।--रेवतसिंह भाटी
पर्याय.--असतूत, असतूती, उदाहरण, कीरति, ख्यात, गुणावली, प्रिसिधि, प्रताप, प्रसध, वखांण, वरण, वययण, वाच, विरुद्ध, साधुवाद, सबद, समगिनां, सिलोक, सुजस, सुपारस, सुसबद, सोभाग।