सं.पु.
सं.
एक जाति विशेष जो मूलतः कृषक एवं मजदूर वर्ग से संबंधित है। ऐतिहासिक रूप से यह वर्ग सामाजिक परिस्थितियों के कारण राजपूत समाज से अलग हुआ था, और समय के साथ स्वतंत्र जातीय पहचान के रूप में स्थापित हुआ। [मूल शब्दकोश मे लिखे अंश को संशोधित किया गया]