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जेठि, जेठिय, जेठी  
शब्दभेद/रूपभेद
व्युत्पत्ति
शब्दार्थ एवं प्रयोग
वि.
सं.ज्येष्ठिन्‌
बड़ा, ज्येष्ठ।
  • उदा.--1..इसी विध जेठिय जोम अताळ। कणैठिय तास लड़ै कळचाळ।--सू.प्र.
  • उदा.--2..कणएठी जांणै भिड़त काळ। जिण जेठी छूटौ जगत जाळ।--पा.प्र.
  • उदा.--3..भेजे इम अणियां भंवर, जेठी कंवर जनेस। बंसी हूं चढ़ियौ बळे, धन चय देण धनेस।--वं.भा.
1.ज्येष्ठ भ्राता, बड़ा भाई (अ.मा., डिं.को.)
  • उदा.--सुज भ्रात जेठी सेस रा। दइवांण वंस दिनेस रा।--र.ज.प्र.
2.पहलवान, मल्ल।
  • उदा.--1..जमदढ़ खंजर अम्होंसम्ह जड़िया। लूथबथां जेठी जिम लड़िया।--सू.प्र.
  • उदा.--2..कोई भाखइ, कोई लखइ, सूखडी खाइ पीउ साथि, जेठी मळया मालखाढ़इ, कोई जूइ बाथोबाथि।--प्राचीन फागु संग्रह
रू.भे.
जेठीय।
सं.पु.--
वि.
ज्येष्ठ मास सम्बन्धी, ज्येष्ठा मास की।


नोट: पद्मश्री डॉ. सीताराम लालस संकलित वृहत राजस्थानी सबदकोश मे आपका स्वागत है। सागर-मंथन जैसे इस विशाल कार्य मे कंप्युटर द्वारा ऑटोमैशन के फलस्वरूप आई गलतियों को सुधारने के क्रम मे आपका अमूल्य सहयोग होगा कि यदि आपको कोई शब्द विशेष नहीं मिले अथवा उनके अर्थ गलत मिलें या अनैक अर्थ आपस मे जुड़े हुए मिलें तो कृपया admin@charans.org पर ईमेल द्वारा सूचित करें। हार्दिक आभार।






राजस्थानी भाषा, व्याकरण एवं इतिहास

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