HyperLink
वांछित शब्द लिख कर सर्च बटन क्लिक करें
 

जड़  
शब्दभेद/रूपभेद
व्युत्पत्ति
शब्दार्थ एवं प्रयोग
सं.स्त्री.
सं.जड़
1.वृक्षों, पौधों आदि का भूमि के भीतर रहने वाला भाग, मूल।
  • उदा.--बिसरियाँ विसर जस बीज बीजिजै, खारी हाळाहळा खळांह। त्रूटै कंध मूळ जड़ त्रूटै, हळधर काँ वाहताँ हळांह।--वेलि.
2.नींव, बुनियाद।
  • मुहावरा--1.जड़ उखाड़णी--हानि या बुराई कर के किसी की स्थिति बिगाड़ना। समूल नष्ट कर देना। जड़ खोदणी--देखो 'जड़ उखाड़णी'.
  • मुहावरा--3.जड़ जमणी--जड़ या बुनियाद का मजबूत होना.
  • मुहावरा--4.जड़ जमाणी--बुनियाद मजबूत करना.
  • मुहावरा--5.जड़ ढीली करणी--देखो 'जड़ उखाड़णी'.
  • मुहावरा--6.जड़ पकड़णी--जमना, अच्छी तरह जम जाना, अंकुरित होना, मजबूत होना।
यौ.
जड़ामूळ।
3.शीत, सर्दी.
4.देखो 'जड़' (रू.भे.)


नोट: पद्मश्री डॉ. सीताराम लालस संकलित वृहत राजस्थानी सबदकोश मे आपका स्वागत है। सागर-मंथन जैसे इस विशाल कार्य मे कंप्युटर द्वारा ऑटोमैशन के फलस्वरूप आई गलतियों को सुधारने के क्रम मे आपका अमूल्य सहयोग होगा कि यदि आपको कोई शब्द विशेष नहीं मिले अथवा उनके अर्थ गलत मिलें या अनैक अर्थ आपस मे जुड़े हुए मिलें तो कृपया admin@charans.org पर ईमेल द्वारा सूचित करें। हार्दिक आभार।






राजस्थानी भाषा, व्याकरण एवं इतिहास

Project | About Us | Contact Us | Feedback | Donate | संक्षेपाक्षर सूची