HyperLink
वांछित शब्द लिख कर सर्च बटन क्लिक करें
 

झाक-जमाल, झाक-झमाल  
शब्दभेद/रूपभेद
व्युत्पत्ति
शब्दार्थ एवं प्रयोग
वि.
जोशपूर्ण विजय वाणी का उच्चारण करने वाला।
  • उदा.--1..देस देस रा राजवी, करता झाक-जमाल वाची कागद ऊठिया, जांन सजी तत्काळ।--जयवांणी
2.देदीप्यमान, चमकदार, तेज।
  • उदा.--2..च्यार आसण तिहां चिहुँ दिसि जी, मोतिए झाक-झमाल। सम विचें कूण ईसांण में देवछंदौ सुविसाळ।--ध.व.ग्रं.
3.चंचल।
  • उदा.--घमघमइ घूघरमाळ, घोड़े झाकझमाल, सोहइ करि करवाळ तुज्झ घणं। खळ कुरंग ग्रहण पास, अरि घरि पाड़इ त्रास, पूरइ सुजण आस, सगण भणं।--व.स.
4.सं.स्त्री.--चमक, दमक।
  • उदा.--एहवी जेहना धरमां रिद्धि, पुण्य-संयोगे दिन दिन ब्रिद्धि। सुरिज नी परि झाक-झमाल, विनयचंद्र कहै बीजी ढाल।--विनय कुमार कृत कुसुमांजलि


नोट: पद्मश्री डॉ. सीताराम लालस संकलित वृहत राजस्थानी सबदकोश मे आपका स्वागत है। सागर-मंथन जैसे इस विशाल कार्य मे कंप्युटर द्वारा ऑटोमैशन के फलस्वरूप आई गलतियों को सुधारने के क्रम मे आपका अमूल्य सहयोग होगा कि यदि आपको कोई शब्द विशेष नहीं मिले अथवा उनके अर्थ गलत मिलें या अनैक अर्थ आपस मे जुड़े हुए मिलें तो कृपया admin@charans.org पर ईमेल द्वारा सूचित करें। हार्दिक आभार।






राजस्थानी भाषा, व्याकरण एवं इतिहास

Project | About Us | Contact Us | Feedback | Donate | संक्षेपाक्षर सूची