HyperLink
वांछित शब्द लिख कर सर्च बटन क्लिक करें
 

टुक  
शब्दभेद/रूपभेद
व्युत्पत्ति
शब्दार्थ एवं प्रयोग
वि.
किंचित्‌ थोड़ा, तनिक, जरा।
  • उदा.--कठै ही टुक बात सुणै तौ तुरत आप जाय राजी कर दस्तौ मेट आवै छै।--कुंवरसी सांखला री वारता
1.किंचित्‌ सा, जरा सा.
2.क्षण भर, पलकर भर।
  • उदा.--मूवे पीड़ पुकारतां, वैद्य न मिळिया आइ। दादू थोड़ी बात थी, जे टुक दरस दिखाइ।--दादूबांणी
3.देखो 'टक' (रू.भे.)
  • मुहावरा--टुक-टुक देखणौ--देखो 'टक-टक देखणौ'।
यौ.
टुक-टुक।
4.देखो 'टूक' (रू.भे.)
  • उदा.--मुवां पछहु वोम न मांन्यौ, ऊभां पगां न दीदी अेक। चवतां खुरां धैन घर चाली, टुकटुक ऊपर पग टेक।--ईसरदास मोयल रौ गीत
5.कंचुकी का वह भाग जो स्तन की चूंची के ठीक ऊपर रहता है। यह कंचुकी के कपड़े के रंग से भिन्न रंग का भी होता हैऔर आगे से नुकीला होता है।
रू.भे.
टुग।
यौ.
टुक-टुक।
क्रि.वि.--
सं.स्त्री.--


नोट: पद्मश्री डॉ. सीताराम लालस संकलित वृहत राजस्थानी सबदकोश मे आपका स्वागत है। सागर-मंथन जैसे इस विशाल कार्य मे कंप्युटर द्वारा ऑटोमैशन के फलस्वरूप आई गलतियों को सुधारने के क्रम मे आपका अमूल्य सहयोग होगा कि यदि आपको कोई शब्द विशेष नहीं मिले अथवा उनके अर्थ गलत मिलें या अनैक अर्थ आपस मे जुड़े हुए मिलें तो कृपया admin@charans.org पर ईमेल द्वारा सूचित करें। हार्दिक आभार।






राजस्थानी भाषा, व्याकरण एवं इतिहास

Project | About Us | Contact Us | Feedback | Donate | संक्षेपाक्षर सूची