सं.स्त्री.
सिर ढाँकने का आच्छादन, छोटा टोपा। क्रि.प्र.--उतारणी, पटकणी, पै'रणी, पै'राणी, फेंकणी, मेलणी, राखणी।
- मुहावरा--1.टोपी उतारणी--बेइज्जत करना, कंगाल करना.
- मुहावरा--2.टोपी पटकणी--बहुत प्रयत्न करना.
- मुहावरा--3.टोपी पहन लेना, संन्यास ले लेना.
- मुहावरा--4.टोपी पै'राणी--निर्धन कर देना, फकीर बना देना.
- मुहावरा--5.टोपी फेंकणी--उत्तरदायित्व छोड़ देना, जिम्मेवारी से दूर हो जाना.
- मुहावरा--6.टोपी राखणी--इज्जत रखना, प्रतिष्ठा रखना.
2.अनाज के ऊपर का छिलका। क्रि.प्र.--उतारणी।
3.गोल आकार की कटोरीनुमा वस्तु, ढक्कन आदि। क्रि.प्र.--लगाणी।
4.बंदूक छोड़ने के लिए धातु की बनी वस्तु, पटाखा। क्रि.प्र.--चडाणी, चाढ़णी।
6.विष्णु मूर्ति का शिर का आभूषण.