सं.पु.
सं.तैलिक:
सरसों, तिल आदि पेर कर तेल निकालने का व्यवसाय करने वाली जाति तथा इस जाति का व्यक्ति। वि.वि.--राजस्थान में तेल पेरने का व्यवसाय हिन्दू व मुसलमान दोनों जाति के लोग करते हैं। अत: तेल पेरने का व्यवसाय करने वाली मुसलमान जाति को तेली या हिन्दुओं को घांची भी कहते हैं। व्यवसाय के हिसाब से इनमें कोई अंतर नहीं है, केवल धर्म का अन्तर है।
यौ.
तेली-तंबोळी, तेलीवाड़ौ।