सं.स्त्री.
1.ऊँट के पीठ की कूबड़, ऊँट के पीठ का उभरा हुआ भाग,
3.आगे निकला हुआ पेट, तोंद।
- मुहावरा--थुई चढ़णी--चरबी बढ़ना, पेट का फूलना, तोंद निकलना, पुष्ट होना।
4.स्तुति, प्रशंसा।
- उदा.--1..जिणि दिन पांचमि तप करइ तिणि दिन आरंभ टाळइ रे। पांचमि तवन थुइ कहइ, ब्रह्म चरिज पणि पाळइ रे।--स.कु.
- उदा.--2..इय जिण वल्लह-थुइ भणिय, सुणियइ करइ कल्लांणु। देउ बोहि चउवीस जिण, सासइ सखनिहांणु।--षष्टिशतक प्रकरण
- उदा.--3..थियौ सदय सुण निज थुई, टीटभ हूँत क्रसांन। उण रा बाळ उबारिया, महामंत्र जस मांन।--बां.दा.