सं.स्त्री.
सं.स्थल=कपड़े का घर
1.कपड़े, टाट आदि को सी कर बनाया हुआ पात्र जिसमें सामान भरा जाता है।
- उदा.--ऊजळा दही व्है जिसा कपड़ां में फूटरी-फूटरी गुजरातणियां अर हाथां में थैलियां लियोड़ा ग्राहक सब एक साथै इज वाड़ा मांयनै सूं बकरियां निकळी व्है ज्यूं परभात में इज निकळ गया हा।--रातवासौ,
2.रुपये डालने का कपड़े आदि का बना पात्र, तोड़ा।
3.कागज या कपड़े की बनी पत्र डालने की थैली, लिफाफा।
- उदा.--इण भांत पत्र लिख थैली में मेल्ह लाखोटौ कर प्रोहित नूं सांपियौ, प्रोहित पत्र लेय बाहिर हुऔ।--कुंवरसी सांखला री वारता
अल्पा.
थेलकी, थैलकी। मह.--थेलीड़, थैलीड़।