सं.स्त्री.
अनु.
1.भय, डर, आशंका।
- उदा.--रण झणण नाद खुरसांण खागां रड़क, वाज खण खणण कड़ियाळ बंदी बड़क। धरपती जठी रै तठी मांनै धड़क, कठी रै मारवा--राव वाळी कड़क।--महादांन महडू
2.दिल के कूदने या उछलने की क्रिया, हृदय का स्पंदन.
3.अंदेशा, दहशत, भय या आशंका के कारण दिल का जल्दी--जल्दी और जोर से कूदना, हृदय का अधिक स्पंदन, जी धक धक करने की क्रिया।
- उदा.--1..पग पाछा छाती धड़क, काळौ पीळौ दीह। नैण मिंचै सांम्हौ सुणै, कवण हकाळै सीह।--वी.स.
- उदा.--2..फाड़ नै खाय जाऊं साळा नै समझ्या कै नी? जबाब में ऊंठां पर बैठ्योड़ां रा फगत काळजा धड़कता--धड़क ! धड़क ! धड़क !--रातवासौ
4.दिल के कूदने की आवाज, हृदय के स्पंदन का शब्द।