सं.स्त्री.
सं.नाथ
1.नाक में छेद कर पहना जाने वाला स्त्रियों का आभूषण। वि.वि.--सौभाग्यवती स्त्रिएँ इस आभूषण को धारण कर के नाथ (पति) का अस्तित्व सूचित करती हैं अत: नाथ से नथ शब्द बना।
- उदा.--1..गाढा बीसां री घड़ाई नथ लुळ लुळ जाय। तीसां री पोवाई नथ ड्योढ़ा झोला खाय।--लो.गी.
- उदा.--2..उत्तर जाइज्यौ दिक्खण जाइज्यौ जाइज्यौ समदां पार। मारवणी रे नथ लाइजौ मोती लाइजौ चार।--लो.गी.
2.तलवार की मूठ पर लगा हुआ छल्ला.
3.बेचने की क्रिया।
- मुहावरा--नथ उतारणी--किसी वेश्या का प्रथम समागम कराना, कौमार्य-भंग करना।
अल्पा.
नथकी, नथड़की, नथड़ली, नथड़ी, नथणी, नथली, नथुली। मह.--नत्थड़, नथड़।