1.देखो 'पल्यंक' (रू.भे.)
- उदा.--हे ओरा तो मांय ए जच्चा रांणी रे, हे! ओवरौ ए जठै रातौ सो पलंग बिछाय म्हांनै घणी ए सुहावै जच्चा पीपळी।--लो.गी.
- मुहावरा--1.पलंग पकड़णौ--बीमार होकर बिस्तरे पर पड़ जाना।
- मुहावरा--2.पलंग तोड़णौ--बिना कोई काम किए सोए रहना, निठल्ला रहना।
2.प्लव गति।
- उदा.--न्रत पलंग रुच लावै नूपुर। उरप तिरप जंग बाजी ऊपर।--सू.प्र.
3.एक प्रकार का शुभ रंग का घोड़ा (शा.हो.)
क्रि.प्र.--ढाळणौ, बिछाणौ।