सं.स्त्री.
फा.बगल
1.बाहु के नीचे की और का गड्ढ़ा, कांख।
- उदा.--बभकै बगलां बुरी, बुरी काछां युंहि बासै। बासै भुंडौ बिंबर, नींद नैणां री नासै।--ऊ.का.
- उदा.--1..गांव लूंटियौ। कोहर ऊपर खेजड़ौ छै, सु ऊठै आया। पछै तै नूं बगल मांहै ले ऊभा रह्या। ऊ खेजड़ौ मरद री ताळ समौ छै। गोगादे जी इतरै डील हुंता।--नैणसी
- मुहावरा--1.बगलां बजांणी--खुशियां मनाना।
- मुहावरा--2.बगल में दबाणौ या धरणौ--अधिकार में करना, कब्जे करना। 2 छाती के दोनों किनारों का वह भाग जो बांह गिराने पर उसके नीचं पड़ता है, पार्श्व।
- मुहावरा--1.बगल गरम करणी--साथ में सोना, संभोग करना।
- मुहावरा--2.बगल में मुंडौ घालणौ--लज्जित होना, सिर नीचा करना।
- मुहावरा--3.बगलां झांकणी--निरुत्तर होना, सहम जाना।
3.ऊंट के दोनों अगले पैरों के पास का वह स्थान जहां से पैर घड़ से मिलते हैं।
- उदा.--नवहत्थी झोकरा, मसत फीफरा भरारा। बगलां उरळी बिहूं, बगलि नीकळै छिकारा।
4.बगल या कांख में उगने वाले बाल।
5.पहनने के वस्त्र की बांह में बगल के पास लगने वाला कपड़ा।
- उदा.--आय सहैली काच दीखायौ, रूप अनूप देख छक आयौ। तीखी अलकां छिटकाई, अंगीया बगलां अंतर लगाई।--पनां वीरमदे री वात
6.और, तरफ।
- उदा.--जीमणी बगल गोहिल ऊभा रहै, डावी बगल डाभी ऊभा रहसी।--नैणसी
- उदा.--2..तियै रै चाळीस हाथी एकै बगल, चाळीस हाथी बीजी बगल।--नैणसी
8.देखो 'बक' (अल्पा., रू.भे.)
- उदा.--उज्जवल बरन दीनी बगलन कूं, कोयल कर दीनी कारी रे।--मीरां
- उदा.--नांख बगल मौ नित निसा, बगल रखै बंदूक। बगल करै रण बैरियां, आ बज बगल अचूक।--रेवतसिंह भाटी
- उदा.--इतरै में सेरसिंघ बरछी उबांही सो काळाबालां बगल लागी।--मारवाड़ रा अमरावां री वारता
अल्पा.
बगलड़ी, बगलड़र, बगलि, बगली।
क्रि.वि--समीप, पास, निकट।