वि.
फा.ब.+अ.हाल
1.ज्यों का त्यों बना हुआ, कायम, बरकार।
- उदा.--सौ ऊ पकड़ियौ आयौ थौ सो छोड दियौ उण री माल मल्कियत बहाल राखी।--नी.प्र.
2.पूर्व स्थिति या अवरथा को प्राप्त किया हुआ, पुननियुक्त। (बरख्वास्त कर्मचारी)
- उदा.--सौ पातसाह कनै जाय बहाल होय वाहीज खिजमत ले'र फेर उठै हीज आयौ।--प्रतापसिंघ म्होकमसिंघ री वात
3.अच्ठी अवस्था में, भला चंगा, स्वस्थ।
4.उत्साह युक्त, स्फूर्तिला, साहसी।
- उदा.--फिर नकीब बोलीया, चढ़ौ बा'दरां बहालां। दरक भार भिड़जै, घ्रीह गरहरै त्रबाळां। मदमता खोलजै धता--धता पूंतारै। कोडी कां कोतलां, साज सौन सिणगारै। चढ़ियौ अबीह, ढुळतै चमर धजाबंध दिल धारीयौ। इण भांत दिली राजा 'अभौ', परथीनाथ पधारीयौ।--बखतौ खिड़ियौ