सं.स्त्री.
सं.बष्कयणी, बष्कयिणी, बष्कयनी, बष्कयिनी
बह गाय या भैंस जिसको प्रसव किये बहुत समय हो चुका हो और दूध देती हो।
- उदा.--बैठी बाखड़ियां चाखड़ियां चाटै, कांमळ नै चकियां चकियां सूं काटै। माकड़ माकड़सी मोळी मुख मोळै, घरणी हिरणी लख हिरणी चख घोळै।--ऊ.का.
- उदा.--2. भैंसड़ियां दस वीस सुवाड़ी बाखड़ी, चर चर लीला घास वाड़ा में रहै खड़ी। चोखा चावळ आंण सकर में ओलणां, इतरा दै करतार फेर नहिं बोलणा।--अज्ञात
रू.भे.
बाड़ी, बाखडी, बाखरी। मह.--बाखड़।