सं.पु.
सं.बेडा, बेडा
1.बड़े लट्ठोंया लकड़ियों को जोड़कर बनाया हुआ एक जलपोत, नाव, नौका। (ह.नां.मा.)
- उदा.--1..को लाहै लोभियां मौत चाहै अणखूटी, कमण पांण पाकड़ै वीज असमांण विछूटी। मग सागर तजि सुद्ध भूंमर कुण बेड़ौ छल्लै, अहि कसण औटवै कमण रसणा कर झल्लै।--रा.रू.
- उदा.--पांण महरांण दिखणाद वाळा पसण, छौळ आउध मुखे जैत छीजै। तारिया हूंत गरकाब ढीली तणा, बिजड़ बेड़ा करै 'भोज' बीजै।--राव सत्रसाल हाडा रौ गीत
- उदा.--म्हांरी बिगड़ी करणी रौ तौ सुधार कर दीजै, म्है सरणौ लियौ है, म्हारौ बेड़ौ पार कर दीजौ।--गी.रां.
- मुहावरा--1.बेड़ौ पार करणौ, बेड़ौ पार लगाणौ=जलपोत को नदी या समुद्र से पार करना। किसी कार्य को पूरा करना। बात रख लेना। इज्जात बचा लेना।
2.बहुतसी नावों का समूह, जलपोतों का झूंड।
3.मिट्टो का जल--पात्र। (सं.द्वि घटक:)
4.पनिहारिन के सिर पर रखे जल--पात्रों का जोड़ा।
5.एक के ऊपर रखी हुई कई वस्तुऔ का ढेर या समूह।
6.पवन, हवा। (नां.डिं.को.)
8.हाथ की अंगुलियों का संधिस्थल जो पीछे की ओर कुछ ऊपर उठा हुवा होता हे।
9.वह जगह या स्थान जहां पर दो पहाड़ परस्पर मिलते हों।
10.पेड़ की शाखाओं का संविस्थल। सं.बिभीतक:, वहेडुक)
11.बहड़े का वृक्ष। पर्या.--अक्षक, कटूफल, कळि, पिंड, बमीत, ब्रख, भूतावास, रक्षफळ, समर, सुध।
12.उक्त वृक्ष का फल जो प्रसिद्ध औषधिहै।
रू.भे.
बहिड़ौ, बहिडौ, बहिढूं, बहेड़, बहेड़उ, बहेड़ौ, बेहड़उ, बेहड़ू, बेहड़ौ, बेहरौ, बै'ड़ौ, बैहड़ौ, वहेड़ौ, वेहड़ौ, वेहड़ुं।
अल्पा.
बेड़लौ, बेड़ियौ। मह.--बेड़, बेड़ाळ, बेडाळ, बेहड़, बेहड़।
7.देखो 'बैड़ौ' (रू.भे.)
- उदा.--पौहोर 2.लड़ाई, दिखणी खिस परा गया। मदत तिण वेळ किणी न कीवी। नबाब खांनखांनौ सारा बेड़ा हुता, इण रौ बीगड़ियौ कुंही नही।--नैणसी
- उदा.--2..णक चौधरी जबांन रौ बेड़ौ अर फूड़ इज घणौ हौ। मूंडा सूं बोल काढ़तौ जका ई अंवळा अर कावळ--फुलवाड़ी
- उदा.--3..आयौ 'वीरम' आंपणे, खित छोडै खोळै, लज सांकळ तोड़ै लियां, दळ पूर मसोळै। वीरम लेवण सहवांणकू चित चेत न चोळै, तक लागै जोयां तणी, बेड़ा सब बोले।--वी.मा.