सं.पु.
सं.बलीवर्द
1.गऊ पुत्र एक प्रसिद्ध चौपाया जिसे बधिया करके नाक में नाथ डाल कर गाड़ी जोतने व खेती आदि के काम में लिया जाता है। वृषभ। (ह.नां.मा.)
- उदा.--रह तोप हरोळ रुखी, मक्र कोल गयंद मयंद मुखी। हचकै बहु बैल करै हमला, टहलै लगि गैल गयंद टला।--मे.म.
2.शिव की सवारी का नन्दी। शिव--वाहन।
- उदा.--चढ़ी नभ रेण छई चहुंचक्क, धरा चढ़ी कंप थई धकधक्क। गई चढ़ि चील्हणि गीधणि गैण, नसौ करि बैल चढ़्यौ त्रण--नैण।--मे.म.
रू.भे.
बइल, बइल्ल, बयल, बयल्ल, बेल, बैहल, वहिल, वहिल्ल।
अल्पा.
बेलियौ, बैलियो, बैल्यौ, बोहलियौ, बौहलिया।
3.देखो 'बहल' (रू.भे.)
- उदा.--सथिया देवण मोहे बुलायी, रुण--झुण बैल जुड़ायी, मोरी सइयां ए रुण--झुण वहल जुड़ायी।--लो.गी.