सं.पु.
1.एक प्राचीन क्षत्रिय राजवंश।
- उदा.--कोच पुंडीर बैस मकवांणां, चाढ़ै धकै तुंवर चहुवांणां। धड़छे ऊमरखांन खग धारै, साठ हजार पठाण संघारे।--सू.प्र.
2.देखो 'वेस्य' (रू.भे.)
- उदा.--नहीं तूं बिप्र नहीं तूं बैस, नहीं नूं खत्रिय सूद न खैस। नहीं तूं मूळ नही तूं डाळ, नहीं तूं पत्र नहीं जु पराळ।--ह.र.
3.देखो 'वयस' (रू.भे.)
- उदा.--चढ़ती बैस नैण असियाळै, तूं घरि घरि मत डोल। मीरां के प्रभु हरि अबिनासी, चेरी भई बिन मोल।--मीरां
विशेष विवरण:-बैस सूर्यवंशी क्षत्रिय हैं। उत्तर--प्रदेश में ये अधिक हैं और वहां इनके नाम से 'बैसवाड़ा' एक इलाका प्रसिद्ध है।