सं.पु.
सं.बदर
बेर का पेड़, बेर का वृक्ष।
- उदा.--1..स्वांमि कल्पतरु सारिखौ, सखी बीजा बांवाळ बोर। मन वंछित दायक मिल्यौ सखी, न करू अवर निहोर रे।--ध.व.ग्रं.
- उदा.--2..जंगळ बोर सुहावणि राजै, फिरै सकति री आंण। मढ़ मैं आपूं आप बिराजै, भळहळ ऊगौ भांण।--राधरदास भादौ
रू.भे.
बउर, बयर, बेर, बोअर।
अल्पा.
बअरि, बअरी, बइयरि, बइयरी, बइरी, बईअरि, बईअरी, बईयरि, बईयरी, बईरी, बउरि, बउरी, बयरि, बयरी, बेरटी, बेरी, बोअरि, बोअरी, बोरड़ी, बोरटी, बोरि, बोरी। सं.पु.(सं.बदर)
2.उक्त वृक्ष का फल, बेर, बदीह--फल।
- उदा.--1..मात पिता सूं सतगुर मोटौ, बरनी बहुत बड़ाई। केधां बेचण बोर कूंजड़ी, दाखां छिब दरसाई।--ऊ.का.
- उदा.--2..पंयाळ लोक रा नीं नीं व्है जैड़ा अमरफळ छोड़नै वा बोर ढालू, कंकेड़ा, केरूंदा, गूंदियां, आंमलियां, गेंगणियां, डांणिया, घीतोला, मोथिया, केडूला, खोखा, मांमालूणी, काचरा, काकड़िया, खरबूजा, अर मतीरां, वास्तै तड़फा तोड़ती।--फुलवाड़ी
रू.भे.
बइयर, बइर, बईअर, बईयर, बईर, बउर, बयर, बेर, बोअर, बौर।
अल्पा.
बोरकियौ, बोरड़ौ, बोरलौ। (सं.वर्तुल)
3.ललाट के ऊपरी सिरे पर बांधा जाने वाला सुहागिन स्त्रियों का एक गुंबजाकार जड़ाऊ आभूषण।
4.मांस के छोटे छोटे टुकड़े, खंड।
5.घोड़ों का एक रंग विशेष व इस रंग का घोड़ा।
- उदा.--1..कुमेत नीलां समंदा, मकड़ा सेली समंद, भूवर, बोर, सोनेरी कागड़ा गंगाजळ नुकरा केळा, महुआ धूमरा। हरिया लीला गुलदार पंचकल्यांण पवण गुरड़ संजाब संदली सीहा चकवा अबलख सिराजी। फेर ही अनेक रंग रा घोड़ा तयार कीजै छै।--रा.सा.सं.
- उदा.--2..साल्हू महिपउ नइ महिपाल, वीरय वली म्हेछनउ काल। दीधां पाखर पूठि पल्हांण, पन्नरसइ बोरीया के कांण।--कां.दे.प्र.
अल्पा.
बोरकियौ, बोरलौ, बोरियौ।