सं.स्त्री.
सं.वाष्प
1.किसी तरल पदार्थ, विशेषत: पानी, का उष्णता पाकर खौलने के प्राप्त वह वाष्पीय रूप, जिसका आजकल शक्ति के साधनों में उपयोग होता है। क्रि.प्र.--उठणी, निकळणी, बणणी।
- मुहावरा--भाप लैणी=सेक करना।
2.किसी द्रव की वह अवस्था जो उसके अधिक ताप से अथवा किसी रासायनिक प्रक्रिया द्वारा वायु में विलीन होने से प्राप्त होती है। (भौतिकशास्त्र)
3.मुंह से निकलने वाली हवा।