HyperLink
वांछित शब्द लिख कर सर्च बटन क्लिक करें
 

भोज  
शब्दभेद/रूपभेद
व्युत्पत्ति
शब्दार्थ एवं प्रयोग
सं.पु.
सं.
1.किसी विशिष्ट अवसर या उपलक्ष में निमंत्रित व्यक्तियों को खिलाया जाने वाला भोजन, दावत।
2.खाद्य-सामग्री, खाने-पीने की वस्तुएं।
  • उदा.--साकर सिरसाळी थिर भर थाळी, अगलाकर ऊगंदा है। जग त्रण सम जांणै मोजां मांणै, भांणै भौज भरंदा है।--ऊ.का.
3.यादव कुल के अन्तर्गत एक राजवंश।
4.एक लोक समूह, जो सु दास राजा का अनुचर था।
5.यादववंशीय सात्वत राजा का पुत्र।
6.मार्तिकांवत्‌ (मृतिकावती) नगरी का एक राजा, जो द्रोपदी के स्वयंवर में उपस्थित था।
7.पुराणों के अनुसार महाभोज राजा के वंशजरों के लिए प्रयुक्त सामूहिक नाम।
8.एक राजवंश, जो हैहयवंशीय तालजंघ राजवंश में समाविष्ट था।
9.मत्स्य पुराण के अनुसार एक राजा, जो प्रतिक्षत्र राजा का पुत्र था।
10.कश्यप कुलोत्पन्न गोत्रकार ऋषिगण।
11.कान्यकुब्ज देश का एक राजा।
12.परमारवंशी मालवे का एक प्रसिद्ध राजा, जो बहुत विद्वान एवं विद्या प्रेमी था।
  • उदा.--'जबदळ' 'पदम' 'रायसी' जुजस्टळ, 'हरचंद' 'वीकम' 'भोज' हुवा। मांणी मता छता महमंडळ, मता न मांणी जाती मुवा।--गोरधन खीची


नोट: पद्मश्री डॉ. सीताराम लालस संकलित वृहत राजस्थानी सबदकोश मे आपका स्वागत है। सागर-मंथन जैसे इस विशाल कार्य मे कंप्युटर द्वारा ऑटोमैशन के फलस्वरूप आई गलतियों को सुधारने के क्रम मे आपका अमूल्य सहयोग होगा कि यदि आपको कोई शब्द विशेष नहीं मिले अथवा उनके अर्थ गलत मिलें या अनैक अर्थ आपस मे जुड़े हुए मिलें तो कृपया admin@charans.org पर ईमेल द्वारा सूचित करें। हार्दिक आभार।






राजस्थानी भाषा, व्याकरण एवं इतिहास

Project | About Us | Contact Us | Feedback | Donate | संक्षेपाक्षर सूची