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मळ, मल  
शब्दभेद/रूपभेद
व्युत्पत्ति
शब्दार्थ एवं प्रयोग
सं.पु.
सं.मल:
1.शरीर से निकलने वाला मल-मूत्र, विष्ठा, गुह।
  • उदा.--1..पेट धरै जायौ पछै, धवरायौ मळ धोय। जिण कारण जगदीस सूं, जणणी गरवी जोय।--बां.दा.
  • उदा.--2..चुगली करतां चुगलरा, जुग होटड़ा जुड़ंत। मळ नांखण जांणै मिळै, दोय ठीकरा दंत।--बां.दा.
2.शरीर की चमड़ी या कपड़ों आदि पर लगने वाली गंदगी, मैल।
  • उदा.--सहु पातक मल साबू, भल भल देवल जोज्यौ। देवल जोज्यौ हरखित होज्यौ, धुरि पातक मल धोज्यौ।--ध.व.ग्रं.
3.मनुस्मृति के अनुसार शरीर के बारह मल-बसा, शुक्र, रक्त, मज्जा, मूत्र, विष्टा, कान का मैल, नख, श्लेष्मा या कफ, आंसू, शरीर के ऊपर जमने वाला मैल, पसीना।
4.पाप दोष, दुष्कर्म।
  • उदा.--1..अकरण करण समरण अघ अणघट, सक रघुबर असरण सरण। लछवर सधर अमर नर रख लज, महपत समरत हरत मळ।--र.ज.प्र.
  • उदा.--2..फूटै भांडे नीर गरक गाफिल नर सोवै भजै नहीं भगवंत बहौड़ि मळ सूं मळ धोवै।--ह.पु.वां.
5.मनो विकार, दूषित भावना।
  • उदा.--आखइ ताइ अरज करैईसर नूं, सांम तूं हीज अपराध सहइ। मळ धारी मांनवी न मूंझइ, कहइ ज ब्रह्मा विसन कहइ।--महादेव पारवती री वेलि
6.कपूर।
7.समुद्र फैन।
8.धातु का मैल।
9.मिलावटी धातु विशेष।
10.मादा पशुओं के गर्भावस्था या प्रसव के कुछ समय बाद तक योनि मार्ग से गिरने वाला गंदा पदार्थ।
11.कमाया हुआ चमड़ा व इसका वस्त्र।
12.देखो 'मळमास'।
13.देखो 'मल्ल' (रू.भे.)
  • उदा.--उंक रुलंदा मार कर, कोइ मल कहावै।--केसौ दास गाडण


नोट: पद्मश्री डॉ. सीताराम लालस संकलित वृहत राजस्थानी सबदकोश मे आपका स्वागत है। सागर-मंथन जैसे इस विशाल कार्य मे कंप्युटर द्वारा ऑटोमैशन के फलस्वरूप आई गलतियों को सुधारने के क्रम मे आपका अमूल्य सहयोग होगा कि यदि आपको कोई शब्द विशेष नहीं मिले अथवा उनके अर्थ गलत मिलें या अनैक अर्थ आपस मे जुड़े हुए मिलें तो कृपया admin@charans.org पर ईमेल द्वारा सूचित करें। हार्दिक आभार।






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