वि.
सं.
1.जो बंधन से छूट गया हो, स्वतंत्र आजाद।
2.जो सांसारिक बधनों से अलग हो, जो सामजिक बंधनों से अलग हो।
- उदा.--1..मन दे मरजीवन के मग में, जनजीवन मुक्त फिरे जग में, फरियाद हिये घरले फिर ले। बस वे जन हैं सरले विरले।--ऊ.का.
- उदा.--2. जपै जगदीस सजीवन जुक्त, महा धन जे जनजीवन मुक्त--उ.का.
3.जो मरण जीवन से छूट कर मोक्ष पा गयां हो। छूटा हुआ।
- उदा.--ताहरां लाखैजी राखाईत नूं नजीक अणायौ, माथा उपर हाथ दियौ। जीव मुक्त हुवौ।--नैणसी
5.जो त्याग दिया गया हो, फैक दिया हो।
2.देखो 'मुक्ति' (रू.भे.)
- उदा.--गुरु आप अग्यांनी जुगत न जांणी: चेता मुक्त चहंदा है। करणी रा काचा साध न सांचा, बाचा बहोत बकंदा है।--ऊ.का.
रू.भे.
मुक्त, मुक्क, मुक्ख, मुगत, मुगत्त