सं.पु.
1.व्यंग, ताना।
- उदा.--1..राजा थांनूं मेहणौ सांचौ दियौ सत्य छै। कुड़ौ मोसौ दियौ न छै।--पंच दंडी री वारता
- उदा.--2..उण म्हांनै चुड़लाळी मोसौ बोलियौ, मोसौ बोलियौ, जी म्हांरा राज।--लो.गी.
- उदा.--3..डोकरी मुळक नै मोसौ मारती जबाब दियौ--जे राजा रै आखै खजांनै यूं ई प्रीत रौ भुगतांन व्हैतौ व्है तौ खजांनौ तौ थांरै पाखती है ई, पीठे प्रीत सारू भंवता क्यूं फिरौ।--फुलवाड़ी
3.उपालंभ।
- उदा.--1..इण गौर बंधिया रे कारणे, म्हारी नणदल मोसौ देवै रे, म्हारौ गौरबंध वळतौ कर।--लो.गी.
- उदा.--2..कूड़ा कथन रखे करौ, सुंस कूड़ी साख। थांपण मोसौ मत करै, रिद्धि पारकी राख।--ध.व.ग्रं.
क्रि.प्र.--दैणौ, बौलणौ, मारणौ, लगाणौ,