सं.स्त्री.
सं.रजतम्
1.चांदी, रूपा। (अ.मा., डिं.को., ह.नां.मां.)
- उदा.--1..देव पितर इन सूं डरै, रसक तरै किण रीत। हेम रजत पातर हरै, पातर करै पलीत।--बां.दा.
- उदा.--2..वणि रतन हौदा वाधि, सोवनी रजत असाधि।--सू.प्र.
2.स्वर्ण, सोना (अ.मा., डिं.को.)
3.पृथ्वी, भूमि। (नां.मा.)
8.शाकद्वीप के अस्ताचल का नाम। (पौराणिक)
2.शुभ्र, श्वेत। * (डिं.को.)
3.चांदी का बना, रूपाहैला।