वि.
अ.
1.निरस्त, खारिज, रद्द।
- उदा.--ठाकर आपरी आंट में पट्टौ कर दियौ तौ कांई व्है, बांणियौ आपरी अकल आपै जद चावै तद उणनै रद्द कर सकै।--फुलवाड़ी
2.जिसे निरर्थक मान लिया गया हो, व्यर्थ, अप्रयोज्य।
6.हीन, न्यून।
- उदा.--हालै दळ हद्दं जांणि जळद्दं गयण गरद्दं मिळि तद्दं। फतै सिरि हद्दं, रैण रहद्दं रांवां मद्दं थिय रद्दं।--गु.रू.बं.
7.पराजित।
- उदा.--राजा दखिण विराजियौ, गा दखणी हुइ रद्द। साह सुपारिस सांभळै, की फत्तै सरहद्द।--गु.रू.बं.
8.देखो 'रद' (रू.भे.)
- उदा.--उर कोप आंणे अप्रमांणे सिद्ध जांणे सद्दयं। ओपै अखाड़ै गै उडाड़ै रूक झाड़ैरद्दयं--रा.रू.