सं.पु.
1.बादल-समूह।
- उदा.--1..वरन वरन रा वादळा, लगस चढी ले लाव। थित करती जळमय थळां, मत वह वेगी आव।--पा.प्र.
- उदा.--2..नाग जौ छछोहा जांणै बादलां रा लगस पवन जोर सूं चालीआ जाअै छै। इण भांत सूं गजराज मुहडा आगै ही डुलै छै। डोहां करता हमला खाता वहै छै।--रा.सा.सं.
2.समूह, दल।
- उदा.--1..लूटवा वधै फौजां लगस, धमस तुरां भाजै धरा। मिळ चली प्रजा भंगेळ मग, लग दिली लग आगरा।--रा.रू.
- उदा.--2..हुतौ सयद हुसैन, अंब गढ मझि अजरायल। लोक विदा करि लगस, तिकौ काढै खळ तायल।--सू.प्र.
- उदा.--3..ऐसै विमरीर दळूँ सैं विकट गिर झिंगर घेरै, फौजूं के लगस चौतरफ क़ूं फेरै।--सू.प्र.
3.फौज, सेना, दल।
- उदा.--लखां दखणाद रा लगस आया लड़ण, पयोनिध अगस मुनि जेम पीजै। सां'म थापळ कहै राख उगती समीं, दुआ 'कांधळ' जमी खंवौ दीजै।--अरजुनसिंह चूंडावत रौ गीत
6.कतार, पंक्तिबद्ध। वि.--लम्बायमान।