वि.
सं.विपरीत
1.खिलाफ, प्रतिकूल, विरुद्ध।
- उदा.--1..राग रंग हुवै छै, छडबडा खिलबत रा साथ सुं बैठा छै। तिण समै चाचौमेरौ आपरौ साथ लै साजबाज सुं चढीया। रांणाजी दिसा ऊनाळी, ऊभी मांहै चालीया। तरै रांणै मोकलजी देख कह्यौ--आज खातण वाळा विपरीत दीसै, मेळ में तौ नहीं।--राव रिणमल री वात
- उदा.--2..औईड अथब्बण भाद्रव स्रावण, कस्सस कोरण कंठळियं। विपरीत करस्सण कट्टक कोअण, सेन महाधण सम्मळियं।--गु.रू.बं.
- उदा.--3..धड मोर नवि परि नाचियौ, दक्खण फौजां आइयां। 'गजबंध' मेह विपरीत गति, वूठौ सिरि वैराइयां।--गु.रू.बं.
- उदा.--4..पातिसाह पासि कागळ गए, सणी वात विपरीत परि। सुरतांण सेर वूंहा खुरम, कासमीर आई खबरि।--गु.रू.बं.
2.उलटा, विलोम, विपरीत।
- उदा.--1..जेथि दीप दीपता तेथि प्रजळै हुत्तासण। जेथि हसति गूंजता, तेथि गुंजै पंचाइण। जेथि रंग-आंमास, तेथि क्रीडिति कुरं गंह। जेथि न्रपति बैसता, तेथि उड्डंत विहंगह। त्रिय तेथि रेख काजळ नयण, भुअण तेथि भरिया भसम। खेडपति कीध खिड़की-तखत, वसुह रीत विपरीत इम।--गु.रू.बं.
- उदा.--2..कुदरत्त विछूटा आकंप कुहकबांण, इळा पुड आसमांण। गोळियां ताड विपरीत गत्त, ओअठै गडै किरि मेह अत्त।--गु.रू.बं.
3.अनिष्ट साधन में तत्पर, रुष्ट।
4.जो उपयुक्त न हो, अनुपयुक्त।
5.उल्टा, कुटिल।
- उदा.--हियै तहव्वर खांन रै, व्यापी यौं विपरीत। दाह अकब्बर भोगयौ, 'नौरंग' साह नचीत।--रा.रू.
6.असत्य, झूठा, मिथ्या।
- उदा.--जेह एकांत नय पक्ष थापी रहै, प्रथम एकांत मिथ्यामती तै कहै। ग्रंथ ऊथापि थापै कुमति आपणी, कहै विपरीत मिथ्यामती तै भणी।--ध.व.ग्रं.
8.भयंकर, भयावह।
- उदा.--ताहरां झोटिंग भैंसे रौ रूप कर आयौ। औ ठाकुर बोलियौ हीज नहीं। सिखरौ पाछौ आयनै तरवार लै बाकरौ मारियौ। बाकरौ मारियां पछै झोटिंग एक विपरीत रूप करनै आयौ। अकास सीस, पग धरती, इसौ भूत आवतौ दीठौ।--नैणसी
9.नियम-विरुद्ध, परम्परा के विरुद्ध।
- उदा.--1..विकराळ काळ वदन, दारण दुजीह गरळ मैमत्तौ। विपरीत कुळह ब्रती, इजगूरं या डिंभरु गिळ ए।--गु.रू.बं.
- उदा.--2..जद स्वांमी कह्यौ--सासरै आंणौ लेवा जमाई जावै जद स्त्री तौ रोवै। पिण उण रै देखा देख जमाई रोवा लाग जावै जद लोक में भूंडी लागै। ज्यूं साधपणौ लेवै जरै उण रा न्यातीला रोवै तै तौ आपरै स्वारथ पिण उण री देखा देख दीक्षा लेणा वाळौ रोवा लाग जावै तौ बात विपरीत।--भि.द्र.
- उदा.--3..कोढी पति छोडी करी, अवर पुरुख सुं प्रीत। तजि आचार सतीतणौ, कीधौ इण विपरीत।--स्रीपाल रास
10.चित्त, सीधा।
- उदा.--स्रोण झील कमकमै, कियै करिमरां चडाए। रचै सैज रिणभोम, कुसम अरि कमळ विछाए। नखत तिक्ख सर कूंत, सहै अन-मंध अचग्गळ। पांण पयौहर कठण मथै मैंगळ कुंभा-थळ। विपरीत रहसि वीरारसहि, रिण दुझळ हुइं रट्टवड। सूतौ संग्राम करि स्रोण-हर, भूप मांण संग्राम धड।--गु.रू.बं.
रू.भे.
बिपरीत, वपरीत, विपरत, विपरीति, विपरीती, विपरूत।