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वेण  
शब्दभेद/रूपभेद
व्युत्पत्ति
शब्दार्थ एवं प्रयोग
सं.पु.
1.सूर्यवंशी राजा प्रथु के पिता का नाम।
2.बांस का वृक्ष या बांस। (नां.मा.ह.नां.मा.)
  • उदा.--ताल साल मालिका बकुल कुबजक खरजूरी, बोंलसरी माधुरी निगर भर हरी सनूरी। कुमुद ढाक कल्हार वेण कचनार बिराजै, सोन जाय पल्लव असोक सुर धोक सु साज़े।--रा.रू.
3.सेना, सेन्यदल।
4.नाक में पहनने का आभूषण विशेष नथ।
  • उदा.--आदू मंजन करिध पाट पेहरै देही दळ। नयणै कजळ रेख, तिलक कुंकम भाळीयण। कणं कांन त्राटक, वेण नासा मोतीहळ। हार उर चंदन विलेप, रची कांकण कटि मेखळ।--गु.रू.बं.
5.देखो 'वचन' (रू.भे.)
  • उदा.--1..पीहर हुंदी डुंबणी, राग अलापै तेण। ढोलौ मारू ऊगरै, कहि समझावै वेण।--ढो.मा.
  • उदा.--2..ठग कांमेती ठोठ गुर, चुगल न कीज़ै सेण। चोर न कीज़ै पाहरू, ब्रहसपती रा वेण।--बां.दा.
  • उदा.--3..होवै सुविनीत सेणा रे। धारै गुरु वेणा रे। जैसी ढलती छाया रे। राखै प्रीत सवाया रे।--जयवांणी
  • उदा.--4..जीहौ काया माया कारमी, जीहौ जेसौ सुपनौ रेण। जीहौ विणसंतां देर लाग़ै नहीं, जीहौ मांनौ सतगुरु वेण।--जयवांणी
  • उदा.--5..आदू अखई मोहुतौ दूहौ कहै, राजा वेचूं नहीं तौ ओखौ खांण मिळूं। पण घोड़ौ उराकी छै। रवियांण चंद, ऐराक बीज़ं वड़वीज, प्रात गाज, सापुरस वेण, पैहिली तौ लहवाय लहवाय पीछैं गरवाय गरवाय।--हाहुल हमीर री वात
  • उदा.--6..सुंदर सर असुरह दळै, जळ पीयौ वेणेह। 'ऊदै' नरयंद काढियौ, तस नारी नयणेह।--उदैसी अरसी रौ गीत
6.देखो 'वीण' (रू.भे.)
  • उदा.--1..उभा मोरली नाद लीधै अधूरै, मारौ जागसी सांम वादै मधूरै। विकस्सै हसै वेण ऊचौ बजायौ, सपत्तै पताळै सुरग्गै सुणायौ।--ना.द.
  • उदा.--2..लुटै साथ जांणै अमीद्धार लीधौ, किणौ वेण नादं सजीवन्न कीधौ। विजोगौ संजोग वजं वेण वायौ, प्रभू आपरी जांण अम्रतपायौ।--ना.द.
7.देखो 'वीणा' (रू.भे.)
  • उदा.--नोबत तेर तूर नीघ्रसे, बह बंदिण बहु जस बहसैं। वेण ताळ मिरदग वजावै, मीत नाद गुण गंध्रव गावै।--रांमरासौ
8.देखो 'वेणी' (रू.भे.)
9.देखो 'वहण' (रू.भे.)
रू.भे.
वेणु, वेणू, वैण।


नोट: पद्मश्री डॉ. सीताराम लालस संकलित वृहत राजस्थानी सबदकोश मे आपका स्वागत है। सागर-मंथन जैसे इस विशाल कार्य मे कंप्युटर द्वारा ऑटोमैशन के फलस्वरूप आई गलतियों को सुधारने के क्रम मे आपका अमूल्य सहयोग होगा कि यदि आपको कोई शब्द विशेष नहीं मिले अथवा उनके अर्थ गलत मिलें या अनैक अर्थ आपस मे जुड़े हुए मिलें तो कृपया admin@charans.org पर ईमेल द्वारा सूचित करें। हार्दिक आभार।






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