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वैत  
शब्दभेद/रूपभेद
व्युत्पत्ति
शब्दार्थ एवं प्रयोग
सं.पु.
1.सवारी, वाहन।
2.ऊंट।
  • उदा.--मारवाड़ रा मांणस च्यारसौ मारिया गया। नै असबाब वैतां वगेरै सारौ लूटियौ। अरु रावजी री आंण फेरी। इण तरै दिन 15 तथा 20 मारवाड़ां रा थांणा सरव मार उठाया। नै कई भाज गढ में पैठा।--द.दा.
4.वह गद्य-पद्य रचना, जिसमें अनुप्रासों व समासों की अधिकता हो।
  • उदा.--सू लिखियौ नहीं तद आलमगीर पांणी बंध कर्‌यौ। पातसाहजी तिसां मरतां री ज्यांन कबज होणै लागी। तद साजिहांन जी कयौ, 'लावौ भाई रजूनांमा लिख दें।' जब दवात-कलम हाजर किया। पीछै पातसाहजी कलम हाथ लेकर कागज में आ वैत लिखी।--द.दा.
5.नियम, प्रण, प्रतिज्ञा।
6.दांव, पेच।
7.गुरुमंत्र।
8.लता, बेल।
9.देखो 'बेंत' (रू.भे.)
10.देखो 'बेत' (रू.भे.)
11.देखो 'वैंत' (रू.भे.)
  • उदा.--1..जद राजा कही, 'तूं सोमवार रै दिन थारी बैटी रौ स्वयंवर कर। ज़ैरै गळै मांहै हथणी फूलां री माळा घातै, तैनूं परणाय दै।' तद आ वात मुहतै पण कबूल कीवी। कही 'वीवाह ईयै ही ज वैत करसां।--हंसराज बछराज री वात
  • उदा.--2..मेलि परवांन मांन महारांज कीधा मन्हैं, लोपियौ हुकम करतूत लहसी। हुई सहुकौ कहै हाक में हाकमी, रैत वर वैत दुस्ट दूर रहसी।--ध.व.ग्रं.
रू.भे.
बैत, भेत, भैत, वेंत, वेत।


नोट: पद्मश्री डॉ. सीताराम लालस संकलित वृहत राजस्थानी सबदकोश मे आपका स्वागत है। सागर-मंथन जैसे इस विशाल कार्य मे कंप्युटर द्वारा ऑटोमैशन के फलस्वरूप आई गलतियों को सुधारने के क्रम मे आपका अमूल्य सहयोग होगा कि यदि आपको कोई शब्द विशेष नहीं मिले अथवा उनके अर्थ गलत मिलें या अनैक अर्थ आपस मे जुड़े हुए मिलें तो कृपया admin@charans.org पर ईमेल द्वारा सूचित करें। हार्दिक आभार।






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