सं.पु.
सं.
1.आघात, प्रहार, चोट।
2.विघ्न, बाधा, अड़चन, रुकावट।
- उदा.--रिखिजी कहै पुत्र दौ ए हुसी, पिण यै मांनौ एक वात रे लाला। व्रत लेसी बालापणै, जौ नवि करौ व्याघात रे लाला।--जयवांणी
3.ज्योतिष शास्त्र के सत्ताईस योगों में से तेरहवां योग। वि.वि.--किसी शुभ कार्य करने में इस योग की नौ घटि अशुभ मानी है, जिसमें कोई शुभ कार्य करना वर्जित है।
4.एक प्रकार का अर्थालंकार विशेष, जिसमें एक ही साधन द्वारा दो विरोधी बातों के होने का वर्णन होता है।