सं.पु.
सं.शक
1.एक प्राचीन राजवंश।
2.एक प्राचीन राजा शालिवाहन का नाम।
3.शालिवाहन द्वारा चलाया गया शक संवत।
4.संवत।
- उदा.--गज नव बारह अब्द गत, सक बिक्रम संबंध। दिन नवमी आसाढ बदि, मीणां तेड मदंध।--व.भा.5 वर्ष
- उदा.--सत्रहसै सतिसास सक धुव अहमदपुर धांम। वर कवि करण वखांणियौ, सुवटांतणौ संग्रांम।--विड़द सिंणगार
6.वीर, यौद्धा।
- उदा.--1..साथौ भाटी सूरमां, 'सबलै' जिसा सहास। 'सबळै' जोकृ भतीज सक, 'तेजौ' नाराणदास।--रा.रू.
- उदा.--2..'केहर' साहां भंजणा, सक राखण कथ्था। बिहु बावळ खागां अड़ै, भूज डंड समथ्था।--द.दा.
7.देवता।
- उदा.--सक कौडि तेतीस चरण राखै उर उपरि। लिखमी चाहै चरण परम रीजै इहिंडी परि।--पी.ग्र.8 तातार देश का पुराना नाम।
9.तातार देश की एक प्राचीन जाति।
10.मुसलमान, यवन।
- उदा.--बिण त्रीट रीठ उड्डै विखम, हम तम अक्षम हैमरा संक फौज कीध संका सहित, जांण क लंका बंदरां--रा.रू.
1.समर्थ, सामर्थ्यवान।
- उदा.--1..जग जनक धनक हर हरण करण जय, चल नरमळ नहचळ चरण। अकरण करण समरण अध अणषट, सक रघुवर असरण सरण।--र.ज.प्र.
- उदा.--2..सक मांगळियौ 'तेजसी' अन 'साहबौ' अबीह। सकळ निबड़ भड़ आठ सौ धावड़ ठाकुर सीह।--रा.रू.
1.सब, समस्त।
- उदा.--1..सक भड़ वचन सूणेह, काहुळियौ वीरम कमंध। मयंद तणै सिर मेह, आवै जांणण अग्राजियौं।--गो.रू.
- उदा.--2..पूरव पछम धरा दध पारू, दिखण तणौ खूटौ बळ दारू। सक उतराध धरा तौ सारु, मछर धरै किण उपर मारू।--चतुरौ मोतीसर