सं.स्त्री.
फा.सजा
1.किसी अपराध के कारण दिया जाने वाला दंड।
- उदा.--1..--डावड़ी री बात सुणतां ई राजा तौ हाक्यौ-बाक्यौ रैग्यौ। रांणी री सजा दूजा जीव नैं क्यूं मिळै।--फुलवाड़ी
- उदा.--2..बळिभद्र जी कृस्ण जी नै कहै छै। जु या अयोग्य बात करी। तिहि नै इसी सजा दीनी।--वेलि.
2.कारावास, कैद।
- उदा.--विलूंब्यौ निधी नीर स्त्रीहाथ बांमै, पुरी मैं सकौ सीर हन्नोज पांमै। सजा हूं छुड़ायौ आई राव सेखौ, लाई पुत्र पित्रेस रौ लोप लेखो।--मे.म.
रू.भे.
सज्जा, सज्या, सझ्या।
क्रि.प्र.--करणी, दैणी, पाणी, भुगतणी, मिळणी, सुणाणी, होणी।