सं.स्त्री.
1.ऊन, सूत, रेशम या बालों की बनी एक मोटी डोरी जिसे योगी लोग गले में डालते हैं या सिर पर लपेटते हैं।
- उदा.--1..सेली सीगी मेखळां, कांनि मुदरका घालि। हरीया जोगी जुगति विन, पच न सघै पालि।--अनुभववांणी
- उदा.--2..कांनां बिच कुंडळ गळै बिच सेली, अंग भभूत रमाई रे। तुम देख्यां बिन कळ न पड़त है, ग्रह अंगणौ न सुहाई रे।--मीरां
2.स्त्रियों के सिर का एक आभूषण।
3.पगड़ी पर बांधने का एक आभूषण।