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सैण  
शब्दभेद/रूपभेद
व्युत्पत्ति
शब्दार्थ एवं प्रयोग
सं.पु.
पति, खाविंद।
  • उदा.--कथण इसा कांमण कहै, सुण हौ कुंजर सैण। अब कब बाहिर आय हौं, सौ हम देखौं नैंण।--गजउद्धार
1.सज्जान, शरीफ, भला।
  • उदा.--यतौ न भेद जांणियैह, ज्याग सैण दूजणं। संधाण-बांण जांण ए न, तांण ऐ सरासणं।--सू.प्र.
2.प्रियतम, प्रेमी।
  • उदा.--सातम दिन सांची हुई, सात बरस री रैण। नैण न आवै नींदड़ी, सालै घट मैं सैण।--अज्ञात
3.मित्र, दोस्त। (डिं.को.)
4.सहायक, मददगार।
5.हितैषी, शुभेच्छु।
  • उदा.--1..वातां वैर विसावणा, सैणां तोड़ै नेह। हासै विस पीणा हरख, आछा कांम न एह।--बां.दा.
  • उदा.--2..किणी भाई सैण रौ भलौ व्है तौ म्हनै गांवतरै फिरणा मैं कांईं हांण।--फुलवाड़ी
6.मेल-मुलाकात वाला, मेल-जोल वाला, मुलाकाती।
7.सम्बन्धी, रिश्तेदार।
  • उदा.--रजपूतांणी रुच सींचाणीं सिरखी। नैणां जळ भरती सैणां थळ निरखी।--ऊ.का.
8.संरक्षक।
9.सीधा-सादा, भोला-भाला।
10.चतुर, होशियार, समझदार। (व्यंग्य)
रू.भे.
सइंण, सइयण, सइयणि, सईण, सयण, सहण, सेंन, सेण, सेन, से'ण, सैंण, सैंन।
वि.[सं.सज्जान]


नोट: पद्मश्री डॉ. सीताराम लालस संकलित वृहत राजस्थानी सबदकोश मे आपका स्वागत है। सागर-मंथन जैसे इस विशाल कार्य मे कंप्युटर द्वारा ऑटोमैशन के फलस्वरूप आई गलतियों को सुधारने के क्रम मे आपका अमूल्य सहयोग होगा कि यदि आपको कोई शब्द विशेष नहीं मिले अथवा उनके अर्थ गलत मिलें या अनैक अर्थ आपस मे जुड़े हुए मिलें तो कृपया admin@charans.org पर ईमेल द्वारा सूचित करें। हार्दिक आभार।






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